Financial Stability And Development Council

Financial Stability And Development Council
Posted on 28th May, 2020 by PAVAN KUMAR TRIGUNAIT

वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद

Financial Stability and Development Council

हाल ही में भारत सरकार ने एक गजट अधिसूचना के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था पर सरकार के बढ़ते फोकस के मद्देनज़र ‘वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद’ (Financial Stability and Development Council- FSDC) में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को शामिल किया था।

FSDC

प्रमुख बिंदु: 

  • वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (Financial Stability and Development Council- FSDC) का गठन दिसंबर, 2010 में किया गया था। यह सांविधिक निकाय (Statutory Body) नहीं है।  
  • इसने ‘वित्तीय बाज़ारों पर उच्च स्तरीय समन्वय समिति’ (High-Level Coordination Committee on Financial Markets- HLCCFM) का स्थान लिया।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने वाली क्रियाविधि को मज़बूत एवं संस्थागत करना और अंतर-विनियामक समन्वय को बढ़ाना तथा वित्तीय क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है।
  • इस परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं और इसके सदस्यों में  भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर, वित्त सचिव या आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव, वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के अध्यक्ष आदि शामिल होते हैं।

FSDC के उत्तरदायित्व:

  • वित्तीय क्षेत्र का विकास
  • वित्तीय स्थिरता और वित्तीय समावेशन
  • वित्तीय साक्षरता
  • अंतर-नियामक समन्वय
  • अर्थव्यवस्था का वृहद विवेकपूर्ण पर्यवेक्षण